खून पतला करने की दवाएं लेते हैं तो रखें इन बातों का ध्यान

गलत खानपान की वजह से कोलेस्ट्रॉल का लेवल धीरे-धीरे बढ़ने लगता है, जो आगे चलकर खून को गाढ़ा कर शरीर में कई नसों में ब्लॉकेज बनाने लगता है। इसके लिए डॉक्टर खून पतला करने की दवाई देते हैं, जिससे खून के थक्के बनने की संभावना कम हो जाए और शरीर में खून का प्रभाव सुचारू रूप से चल सके। खून पतला करने वाली दवाओं के लेने के साथ ही कुछ समस्या भी हो सकती है इसलिए दवाओं को लेते समय इन बातों की सावधानी भी जरूर रखना चाहिए -



किसी भी तरह से की चोट से बचे

जो लोग खून पतला करने की दवा लेते हैं, उन्हें बहुत सावधानी से रहने की जरूरत होती है। यदि कोई भी चोट लग जाए तो ब्लीडिंग सामान्य की तुलना में अधिक हो सकती है। ऐसे में कोशिश करें कि किसी भी तरह की कोई चोट न लगने पाएं। इसके लिए सतर्कता बरतें। यदि शरीर में चोट लग जाती है और ब्लीडिंग अधिक हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।


सब्जी या फल काटते समय रखें ध्यान

जो लोग खून पतला करने की दवाई ले रहे हैं, उन्हें सब्जी या फल काटते समय बहुत सावधानी रखना चाहिए। चाकू की धार लगने पर ब्लीडिंग बहुत ज्यादा हो सकती है। चाकू के बजाए अन्य औजारों का इस्तेमाल करें, जिनसे चोट लगने की संभावना कम हो।


विटामिन-K के लेवल का रखें ध्यान

खून को पतला करने वाली दवा शरीर में विटामिन-K की मात्रा को प्रभावित कर सकती है। विटामिन-K शरीर में खून के थक्के बनाने का काम करता ह। यदि खून पतला करने वाली दवाओं का सेवन कर रहे हैं तो शरीर में विटामिन-K की मात्रा का भी चेकअप जरूर कराना चाहिए क्योंकि यदि शरीर में विटामिन K की मात्रा कम हो जाती है, चोट लगने पर ब्लीडिंग को रोक पाना बहुत मुश्किल हो सकता है। विटामिन K की पूर्ति के लिए पालक, गोभी जैसे खाद्य पदार्थ अपने आहार में जरूर शामिल करें।


समय पर चेकअप करवाते रहें

यदि खून पतला करने वाली दवा ले रहे हैं तो समय पर अपना चेकअप करवाना भी बेहद जरूरी होता है। शरीर की नसों में रक्त के थक्के का पता लगाने के लिए यह चेकअप बहुत जरूरी होता है। डॉक्टर से परामर्श लेने पर ही कोई दवा का इस्तेमाल करें ताकि इसके कोई साइड इफेक्ट ना हो।


खून पतला करने वाली दवा लेने से पहले रखें ध्यान

खून पतला करने वाली दवाओं के साथ यदि दर्द निवारक दवा या सर्दी-जुकाम की दवा ली जाती है तो इसके साइड इफेक्ट हो सकते हैं, इसलिए कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बहुत जरुरी होता है।


अल्सर के रोगी रहें ज्यादा सावधान

यदि किसी मरीज को हार्ट से संबंधित समस्या है या कोलेक्ट्रोल बढ़ा हुआ है, लेकिन साथ में पेट में अल्सर की समस्या भी है तो डॉक्टर को यह जानकारी जरूर देना चाहिए। दरअसल डॉक्टर हार्ट अटैक के खतरे से बचने के लिए खूून पतला करने वाली गोलियां देता है, लेकिन यदि किसी मरीज को अल्सर की भी समस्या है तो खून पतला करने वाली दवाओं के कारण अल्सर में से रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में मरीज की हालत बहुत ज्यादा खराब हो जाती है, इसलिए अल्सर के मरीजों को इन बातों को विशेष ध्यान रखना चाहिए।


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