पुदीने के समान ही होता है बेटनी पौधा, इन बीमारियों के लिए है रामबाण दवा

बेटनी पुदीने के परिवार का ही एक औषधीय पौधा है। इस पौधे को सूखाकर दवाएं बनाने में प्रयोग किया जाता है। इससे नसों का दर्द और तनाव दूर होता है। बेटनी पेट संबंधित समस्याओं के लिए भी प्रभावी औषधि के रूप में कार्य करता है। इसे पर्पल बेटनी या वुड बेटनी आदि कई नामों से जाना जाता है। आइए इसके औषधीय फायदों के बारे में जानते हैं -

बेटनी के फायदे -बेटनी का उपयोग ब्रोंकाइटिस के रोगी के लिए फायदेमंद होता है। दमा के रोगियों को भी इससे लाभ होता है। -सीने में जलन की समस्या के लिए भी यह असरदार औषधि है लेकिन ऐसी स्थिति में यह ध्यान भी रखें कि इसके इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। -गठिया की समस्या हो, सिरदर्द हो या चेहरे का दर्द। इस सभी शारीरिक समस्यों में बेटनी के इस्तेमाल से राहत मिलती है। इसके उपयोग से गठिया में होने वाला दर्द भी दूर होता है। -यह मूत्राशय में दर्द और सूजन में भी यह फायदा पहुंचाता है। इसके अतिरिक्त मूत्राशय या किडनी की पथरी में भी बेटनी का उपयोग लाभदायक होता है। -मिर्गी रोग में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। -दस्त की समस्या होने पर भी बेटनी का उपयोग फायदा पहुंचाता है। -वर्तमान में व्यस्तता भरी जिंदगी में अधिकांश लोग तनाव की समस्या से जूझ रहे हैं, ऐसे में बेटनी जड़ी-बूटी लेने पर तनाव कम होता है। बेटनी को ऐसे रखें सुरक्षित बेटनी का उपयोग चाय के लिए किया जाता है। इसे सुरक्षित रखने के लिए इस पौधे को तने से काटकर सुखा लेना चाहिए। इसके बाद इसके तने के सबसे कठोर भाग को तोड़कर बाकी के हिस्से को सुरक्षित रखें। इसे हमेशा किसी सूखे, ठंडे और अंधेरे वाले स्थान पर रखना चाहिए, इससे यह खराब नहीं होगी। इसे एयर टाइट डिब्बे में बंद करके रखने से भी यह खराब नहीं होता है। यह रखें सावधानियां -नवजात बच्चे या गर्भ में पल रहे बच्चे पर इसका प्रभाव न पड़े, इसलिए गर्भवती महिलाओं और स्तनपान करा रही महिलाओं को इसके उपयोग से बचना चाहिए। -इस औषधि के इस्तेमाल से ब्लड प्रेशर कम हो सकता है, इसलिए लो ब्लड प्रेशर के रोगियों को इसके इस्तेमाल से परहेज करना चाहिए। ऐसे रोगियों के लिए यह औषधि हानिकारक हो सकती है। -इसे लेने से पेट की समस्याएं साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, लेकिन हर किसी में साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं। यदि किसी को इसके उपयोग से साइड इफेक्ट्स देखने को मिलते हैं, तो तुरंत इसका उपयोग बंद कर दें। इसके अतिरिक्त इस औषधि का इस्तेमाल बिना किसी हर्बलिस्ट की सलाह के बिल्कुल भी न करें। -इस औषधि का दिन में तीन बार में एक या दो ग्राम खुराक लेना चाहिए, यदि इससे अधिक खुराक लेते हैं तो नुकसान हो सकता है। -किसी तरह की सर्जरी करवाई है तो सर्जरी करवाने के दो हफ्ते पहले और सर्जरी करवाने के दो हफ्ते बाद तक इस औषधि को लेने से बचें। डॉक्टर की सलाह के बाद ही इस औषधि का सेवन करना चाहिए।


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