एक्रोमेगाली बीमारी से कैसे होता है शरीर प्रभावित, जानिए इसके उपचार के बारे में

एक्रोमेगाली वयस्कों में होने वाली बीमारी है। इससे शरीर के कई हिस्सों पर सूजन होने लगती है, जैसे चेहरा, हाथ, पैर, हड्डियों और हृदय पर सूजन होने लगती है। यदि इसका समय रहते इलाज नहीं किया गया तो व्यक्ति की जान भी जा सकती है। हमारे शरीर में पिट्यूटरी ग्रंथि वृद्धि हार्मोन का निर्माण करती है। इस ग्रंथि में असंतुलन के कारण ही यह रोग होता है। आइए जानते हैं कि एक्रोमेगाली के लक्षण और इलाज के बारे में-


एक्रोमेगाली के लक्षण शरीर के कई हिस्सों में सूजन इसके आम लक्षण होते हैं। इस रोग के होने पर मरीज को जोड़ों में दर्द की समस्या होने लगती है। इसी के साथ आवाज में भी परिवर्तन होने लगता है, जिससे व्यक्ति की आवाज कर्कश और मोटी होने लगती है। पुरुषों में स्तंभन दोष की समस्या होती है और महिलाओं में मासिक धर्म और स्तनों में परिवर्तन देखे जा सकते हैं। एक्रोमेगाली होने पर व्यक्ति की त्वचा खुरदुरी भी होने लगती है। एक्रोमेगाली रोग का उपचार एक्रोमेगाली रोग होने पर डॉक्टर इसका उपचार व्यक्ति की उम्र, रोग का समय और पहले से चल रही किसी प्रकार की चिकित्सा के आधार पर करते हैं। इसमें इलाज तीन प्रकार से किया जा सकता है एक सर्जरी के माध्यम से, दूसरा चिकित्सा पद्धति और तीसरा विकिरण पद्धति के माध्यम से। डॉक्टर सर्जरी का सहारा उन लोगों के लिए लेते हैं जिनका ट्यूमर बढ़ा हुआ होता है। वहीं हार्मोन के स्तर को सामान्य करने के लिए डॉक्टर सोमाटोस्टेटिन एनालॉग्स या डोपामाइन एगोनिस्ट या ग्रोथ हार्मोन रिसेप्टर विरोधी दवाएं देते हैं। विकिरण पद्धित का प्रयोग उस समय किया जाता है, जब पहले से ही ट्यूमर हटाने के लिए सर्जरी की गई है। उसके बाद भी यदि ट्यूमर के कुछ हिस्से छूट गए हो तो उन्हें हटाने के लिए विकिरण पद्धति अपनाई जाती है। कब इलाज की आवश्यकता है और कब नहीं मरीज को एक्रामेगाली के कुछ गंभीर लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी होता है। इसमें यदि सांस में तकलीफ और सीने में दर्द जैसे गंभीर लक्षण महसूस हो तो इसका इलाज समय पर करवा लेना चाहिए। इसके विपरीत यदि मरीज को एक्रोमेगाली के कोई लक्षण नजर नहीं आ रहे हो और वृद्धि हार्मोन बढ़ा हुआ हो लेकन व्यक्ति स्वस्थ महसूस कर रहा हो तो इसे इलाज की आवश्यकता नहीं है। इसका कारण है कि कई लोगों का वृद्धि हार्मोन बढ़ा हुआ होता है लेकिन इससे उन पर कोई प्रभाव नही पड़ता। एक्रोमेगाली उपचार के साइड इफेक्ट्स एक्रोमेगली उपचार लेने के कोई भी साइड इफेक्ट्स नही होते हैं। हां लेकिन जो लोग इस बीमारी के होने पर लंबे समय से दवाएं ले रहे हैं तो उनमें इन दवाओं के कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। इन साइड इफेक्ट्स में गैस होना, कब्ज की शिकायत होना, चक्कर आना, सिरदर्द होना आदि हो सकते हैं। एक्रोमेगाली रोग से ठीक होने में लगने वाला समय एक्रोमेगाली के उपचार के आधार पर ही यह निर्धारित हो सकता है कि यह रोग कब ठीक हो सकता है। वैसे तो यह रोग एक बार होने पर यह हमेशा के लिए रहता है, लेकिन इस बीमारी के लक्षणों को कम किया जा सकता है।

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