United States Capitol : अमेरिकी संसद भवन, जितनी सुंदर इमारत, उतना ही शानदार इतिहास, देखें Photo

United States history एक तरह जहां भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने का सम्मान मिला हुआ है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका दुनिया का सबसे पुराना लोकतांत्रिक देश है। अमेरिकी इतिहास में लोकतंत्र बयार आज से करीब 200 साल पहले ही बहने लगी थी। हालांकि शुरुआत में अमेरिका में लोकतंत्र इतना परिपक्व नहीं था, जितना की आज दिखाई देता है। समय के साथ-साथ अमेरिका में लोकतंत्र की जड़े मजबूत होती गई और इस मजबूती की साक्षी रही यहां की United States Capitol। दरअसल यूनाइटेड स्टेट्स कैपिटल अमेरिका में उस इमारत का नाम है, जिसे लोकतंत्र में संसद कहा जाता है। भारतीय संसद की तरह अमेरिका का संसद भवन भी दिखने में विशाल और काफी खूबसूरत है, लेकिन इसकी खूबसूरती के साथ ही इसका इतिहास भी काफी रोचक है।


1814 में पूरी तरह जलकर हो गया था खाक

अमेरिकी संसद भवन United States Capitol साल 1800 में पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया था, लेकिन 1814 में जलने के कारण पूरी तरह से खाक हो गया था। लेकिन पांच साल के अंदर ही United States Capitol को फिर से उसी वैभव के साथ खड़ा कर दिया था। इस विशाल इमारत में विशाल गुंबद, दो सदनों के लिए विधायिका, दुनिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी सहित कई भवन निर्मित किए गए हैं।

पियरे चार्ल्स एलइंफेट ने तैयार की थी डिजाइन

अमेरिकी में शुरुआती कुछ सालों में फिलाडेल्फिया राजधानी रही थी क्योंकि वॉशिंगटन को एक राष्ट्रीय राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा था। साल 1800 में जब वॉशिंगटन को नई राजधानी के तौर पर तैयार किया जा रहा था तो इस योजना तैयार करने का काम उस समय के मशहूर आर्किटेक्ट पियरे चार्ल्स एलइंफेट ने किया था।


तब शुरुआत में कांग्रेस हाउस कहा जाता था, लेकिन अमेरिका के तीसरे राष्ट्रपति थॉमस जेफरसन ने इसे कांग्रेस हाउस कहने के बजाय कैपिटल कहने पर जोर दिया। इसके कैपिटल कहने के पीछे का भी आशय यह था कि इटली का रोम शहर, जो सात पहाड़ियों के बीच में बसा हुआ है, वहां कैपिटोलिन हिल पर ऑप्टिमस मैक्सिमस टेम्पल है।

कैपिटोलिन हिल ही आम बोलचाल में कैपिटल हिल बन गया है। साल 1792 में पियरे चार्ल्स एलइंफेट को ही कैपिटल और राष्ट्रपति भवन की डिजाइन तैयार करने का काम सौंपा गया था, लेकिन बाद में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉज वॉशिंगटन के साथ कुछ मतभेदों के चलते पियरे को बर्खास्त कर दिया गया था।


लेकिन बाद में जब थॉमस जेफरसन राष्ट्रपति बने तो उन्होंने फिर से डिजाइन तैयार कराने के लिए देश के सभी प्रमुख आर्किटेक्ट के बीच स्पर्धा आयोजित कराई थी और आज से 200 साल पहले 500 डॉलर की विशाल धनराशि इनाम इनाम के रूप में घोषित की थी। इस स्पर्धा में 10 डिजाइन पेश किए गए थे, जिनमें से वास्तुकार विलियम थॉर्नटन के डिजाइन को काफी पसंद किया गया।

आखिरी तारीख निकलने बाद थॉर्नटन ने जमा कराई थी अपनी डिजाइन

आपको यह जानकार भी हैरानी होगी कि अमेरिकी संसद भवन United States Capitol की डिजाइन जिस आर्किटेक्ट ने तैयार की थी, वह पेशे से आर्किटेक्ट नहीं था बल्कि शौकिया तौर पर वास्तुकारी का काम करता था और अमेरिका के तीसरे राष्ट्रपित थॉमस जेफरसन ने जब अमेरिकी संसद और राष्ट्रपति भवन की डिजाइन तैयार करने के लिए स्पर्धा आयोजित की थी तो सभी वास्तुकारों को निश्चित तारीख तक अपनी-अपनी डिजाइन जमा करने का अल्टीमेटम दिया था।

लेकिन हैरानी की बात ये है कि विलियम थॉर्नटन अपनी डिजाइन आखिरी तारीख निकलने के बाद लेकर पहुंचे थे। इससे पहले पहुंची सभी डिजाइन में से थॉमस जेफरसन फ्रांसीसी वास्तुकार स्टीफन हैलेट की डिजाइन को पसंद कर चुके थे, लेकिन उस डिजाइन में फ्रांसीसी वास्तुकला का प्रभाव ज्यादा दिखाई दे रहा था और वह काफी खर्चीली भी थी। लेकिन जब थॉमस जेफरसन ने थॉर्नटन की डिजाइन देखी तो तत्काल उस पर मुग्ध हो गए और आखिरकार उसे स्वीकृति दे दी गई। हालांकि थॉर्नटन की डिजाइन में भी कुछ बदलाव बाद में किए गए थे, लेकिन मूल डिजाइन वही है जो हम आज भी देखते हैं।

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