आंखों का रोग है यूवाइटिस, ये है लक्षण, कारण और इलाज

अपडेट किया गया: जन. 16



यूवाइटिस आंखों से संबंधित एक रोग है। इस बीमारी में आंख की बीच वाली परत में सूजन व लालिमा सी आ जाती है। आंख में मौजूद इस परत को यूविया कहते हैं और यही कारण है कि इस बीमारी को यूवाइटिस के नाम से भी जाना जाता है। चूंकि यूविया आमतौर पर आइरिस, कोरोइड और सिलिएरी से मिलकर बना होता है। कोरोराइड रेटिना की गहरी परतों तक रक्त पहुंचाने का काम करता है। इस बीमारी में मरीज को आंखों में गंभीर दर्द होता है। कई बार मरीज को आंख से पानी आना व धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं होने लगती हैं।


कई प्रकार का होता है यूवाइटिस यूवाइटिस कई प्रकार का हो सकता है। आंख के किस हिस्से में सूजन व लालिमा हुई है। इस आधार पर डॉक्टर इसका इलाज करते हैं। आंख के अगले हिस्से में जब सूजन होती है तो उसे एंटीरियर यूवाइटिस कहा जाता है। वहीं जब आंख के बीच वाले हिस्सा प्रभावित होता है तो इंटरमेडिएट यूवाइटिस कहते है। इस प्रकार जब आंख के पिछले हिस्से में सूजन या लालिमा होती है तो पोस्टीरियर यूवाइटिस के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा एक पैन यूवाइटिस भी होता है, जो आंख के लिए सबसे गंभीर स्थिति होती है। यूवाइटिस के लक्षण यूवाइटिस के कुछ मामलों में किसी प्रकार के लक्षण महसूस नहीं होते हैं, लेकिन कुछ लोगों में देखने संबंधी समस्या या धुंधला दिखने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसके अलावा कुछ मरीजों में प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता भी अत्यधिक देखने को मिलती है। आंख में दर्द होना, लाल होना, अत्यधिक सिर दर्द होना, आंख के अंदर गांठ बनना और आइरिस के रंग में बदलाव होने से जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। गौरतलब है कि आंख शरीर का सबसे नाजुक अंग होता है। ऐसे यदि थोड़ी सी भी तकलीफ हो तो तत्काल इसकी जांच डॉक्टर से करा लेना चाहिए। शुरुआती संक्रमण या बीमारी को जल्द ठीक किया जा सकता है। इस कारण से होती है यूवाइटिस की समस्या यूवाइटिस होने के मुख्य कारण तो अभी तक पता नहीं चले हैं। अक्सर इसके लक्षण स्वस्थ लोगों में ज्यादा देखने को मिलते हैं। आमतौर पर यह माना जाता है कि यह बीमारी प्रतिरक्षित रोगों, संक्रमण और आंख में चोट लगने आदि के कारण होती है। ऐसी स्थिति तब होती है जब हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली ही हमारे शरीर के अंगों के किसी हिस्से को क्षति पहुंचाने लगती है। रूमेटाइड आर्थराइटिस, एंकिलोजिंग स्पोंडिलाइटिस, सोरायसिस, अल्सरेटिव कोलाइटिस, कवासाकी रोग, क्रोन रोग, सारकॉइडोसिस, वायरस या बैक्टीरिया से होने वाले कुछ संक्रमण ऐसी बीमारियां हैं जो यूवाइटिस का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा एचआईवी एड्स, हर्पीस, सिफलिस, टीबी जैसे रोग भी यूवाइटिस का कारण हो सकते हैं। यूवाइटिस का इलाज ज्यादातर मामलो में यूवाइटिस का इलाज आई ड्रॉप दवाओं से हो जाता है। यूवाइटिस जिस बीमारी की वजह से होता है, जब वह बीमारी ठीक हो जाती है तो यह स्वत: ही ठीक हो जाता है। इसके लक्षण धीरे-धीरे समाप्त हो जाते हैं। यूवाइटिस के इलाज सबसे मुख्य काम आंख में सूजन व लालिमा को कम करना होता है। इसके अलावा वायरेक्टॉमी की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है, जिसमें सर्जिकल प्रक्रिया की मदद से आंख के विटेरस को हटा दिया जाता है। हालांकि इस प्रक्रिया से गुजरने वाले मरीजों की संख्या काफी कम होती है। वायरेक्टॉमी की प्रक्रिया अत्यंत गंभीर मामलों में ही की जाती है।

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